Sunday, September 30, 2018

On September 30, 2018 by Unity in diversity in    No comments
 It is our specialty in India that it is a country of different cultures, castes, languages ​​and languages ​​and religion. Where the relationship of faith, religion and belief with Parampara city of Chaurasi is a sign of unity in diversity, which shows brotherly love and mutual reconciliation. The city promotes brotherhood and synergy for the future of India with its thinking in unity in diversity in the chaurasi.

 In India, people usually get to see such events as Bhandara, Falchudhudi, but they live in the middle of a class, an institution, but there is an event for every section of the city, which is a prana prestige in Rajgarh of Dhar district of Madhya Pradesh or A city square is organized on any occasion. Where all the people of all faiths and castes together eat together, this is a big and small task without discrimination.

  Where there is a special look of unity in the diversity of any discrimination where people of Sanatan Dharma, Jainism, Christianity, Bohra Dharana, Islam Dharma and many religions live. In fact, on this motherland, we have cultured culture on a new height. Regardless of this, Rajgarh Nagar conveys Indian culture with happiness through message of joy, we are all one with it, it proves itself with it. The city of Rajgad produces the experience of joy in the chaurasi society.

  The city teaches the people of Chaurasi city and attracts people. As we are Indians, understanding all of us responsibilities is a good work for the present and future progress in maintaining such a unique tradition.

Akshay Bhandari Rajgarh (Dhar) Madhya Pradesh
On September 30, 2018 by Unity in diversity   No comments


भारत मे विभिन्न संस्कृति,जातियां,भाषा और भाषा और धर्म का देश है यही हमारी विशेषता है। जहाँ आस्था,धर्म ओर विश्वास के साथ परम्परा नगर चौरासी का संबंध विविधता में एकता का परिचायक है जो भाईचारे ओर आपसी मेल मिलाप को दिखलाता है। नगर चौरासी में विविधता में एकता को अपनी सोच के साथ भारत के भविष्य के लिए भाईचारे ओर समरसता की भावना को बढ़ावा देता है।

  भारत मे आमतौर पर लोगों द्वारा भंडारा, फलेचूदड़ी जैसे आयोजन देखेंने को मिलते है लेकिन वह एक वर्ग,एक संस्था का होकर रह जाता है पर नगर चौरासी हर वर्ग के लिए एक आयोजन होता है जो मध्यप्रदेश के धार जिले के राजगढ़ में किसी प्राण प्रतिष्ठा या किसी प्रसंग पर नगर चौरासी का आयोजन किया जाता है। जहाँ सभी एकसाथ सभी धर्मों ओर जातियों के लोग एकसाथ भोजन करते हैं कोई बड़ा न छोटा बिना भेदभाव के यह कार्य होता है।

जहा किसी भेदभाव के विविधता में एकता का खास नजारा देखेंने को मिलता है जहाँ सनातन धर्म,जैन धर्म,ईसाई धर्म,बोहरा धरना ,इस्लाम धर्मआदि अनेक धर्मो के लोग रहते है। वास्तव में इस मातृभूमि पर हमने संस्कृति को एक नई उचाईयो पर जिया है। इसी बात को लेकर राजगढ़ नगर चौरासी के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जनमानस में प्रसन्नता के साथ सन्देश देती है हम सब एक है इसके साथ स्वयं यह सिद्ध करती है राजगढ़ की नगर चौरासी समाज मे आनंद की अनुभूति उत्पन्न कराती हैं।
  
नगर चौरासी शहर के जनमानस को सिखाता है और आकर्षित करता है हम भारतीय होने के नाते  हम सबकी जिम्मेदारी को समझना ऐसी अनोखी परंपरा को कायम रखने में वर्तमान तथा भविष्य की प्रगति के लिए अच्छा कार्य है।

अक्षय भण्डारी राजगढ़(धार)मध्यप्रदेश।

Saturday, September 29, 2018

On September 29, 2018 by Unity in diversity   No comments

राजगढ़(धार)। राजगढ़ सोश्यल ग्रुप द्वारा आयोजित सर्वधर्म सदभावना सम्मलेन व् अभिनन्दन समारोह में इंदौर के समर्थ सद्गुरु श्री अण्णा महाराज ,माताजी मंदिर गुरूजी मुरारीलाल जी भारद्वाज , क्रिस्चियन समाज फादर,बोहरा समाज प्रतिनिधि मंडल आदि उपस्थित रहे । श्री अण्णा महाराज द्वारा दिया गया कल्याणी नाम को मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागु किए जाने पर राजगढ़ नगर की सामाजिक धार्मिक संस्थाओ सहित समाज ने अभिनन्दन किया ।

सभी धर्मगुरुओ का भी अभिनन्दन किया गया…

कार्यक्रम का संचालन श्री राजेन्द्रजी दुबे ने किया स्वागत भाषण ग्रुप अध्यक्ष नीलेश सोनी ने दिया रमेशचंद्रजी शर्मा वकील सा. विरेंद्रजी जैन , राजेशजी कामदार, नविन बानिया आदि ने अण्णा महाराज की पहल का स्वागत करते हुए उदबोधन दिया नितिन शर्मा ने अभिनन्दन पत्र का वाचन किया। मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक भावी आचार्य श्री ऋषभ विजयजी म सा के शुभकामना सन्देश का वाचन विरेंद्र जैन ने किया ।

 अण्णा महाराज ने प्रवचन में कल्याणी शब्द का महत्त्व बताते हुए राजगढ़ सोश्यल ग्रुप के प्रयासों की सराहना की व् कहा की आज मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस शब्द को मान्यता देने में राजगढ़ नगर का बहुत बढ़ा योगदान रहा एक साथ एक स्थान पर 500 कल्याणी को एकत्रित कर राजगढ़ सोश्यल ग्रुप ने जो 8 जनवरी 2016 को कल्याणी महोत्सव का आयोजन किया था वह आवाज भोपाल विधानसभा तक पहुची और यह पहल सार्थक हुई और शासन ने मंजूरी दी ,सिहस्थ में 100 से अधिक नुक्कड़ नाटक का मंचन कर जागृति लाई गय जिसमे दत्त माउली संस्थान इंदौर ने अहम् भूमिका निभाई।

माताजी मंदिर के बड़े गुरूजी का अभिनन्दन श्री अण्णा महाराज ने किया

जैन समाज ,सोनी समाज. मुस्लिम समाज, बोहरा समाज ,सेन समाज, ब्राह्मण समाज, राजपूत समाज ,सीरवी समाज, राठौड़ समाज ,माहेश्वरी समाज ,मारू समाज ,आदिवासी समाज ,हरिजन समाज ,कामलिया समाज ,कुमावत समाज, दर्ज़ी समाज ,माली समाज ,मोची समाज, रजक समाज ,मेढ़ सोनी समाज ,कसारा समाज ,अग्रवाल समाज ,पाटीदार समाज ,छिपा समाज ,डोली समाज, स्थानक जैन, समाज सहित नगर के अन्य समाज सहित सामाजिक धार्मिक संगठन संस्थाओ व् व्यापारी संगठनो को मिलाकर 108 अभिनन्दन श्री अण्णा महाराज का किया गया। अंत में सभी का आभार युवा समाजसेवी डा आशीष वैद्य ने माना।

कार्यक्रम की विशेष रुपरेखा और सफलता मे समाजसेवी श्री बालकृष्ण प टा ट(बाला भाई) का विशेष योगदान रहा ग्रुप के मोहित वागरेचा ,मयंक चत्तर ,गोलू सेठ रानापुर वाला ,विशाल सोनी ,सचिन वागरेचा ,मयंक सोनी ,महेश माहेश्वरी ,वीरेंद्र शर्मा ,डा नंदन वैद्य ,सुधीर बाफना ,सोनू हरण ,प्रकाश कुमावत ,प्रीतेश राठौड़, सचिन यादव ,अमित शर्मा ,गोलू हरण ,विराट जैन, विनोद राजावत ,संदीप झन्नाट ,प्रीतेश जैन लाबरिया वाला ,मनीष कांकरिया ,मनीष सेठ, लटियालजी, धर्मेश जायसवाल  आदि का सराहनीय सहयोग रहा ।

 अंत में 108 कल्याणी महिलाओ को शाल देकर सम्मानित किया गया।

टाइम्स ऑफ मालवा न्यूज़ पोर्टल से लिया गया उनका साभार

On September 29, 2018 by Unity in diversity   No comments

सन्देश - नगर चौरासी यानि सर्वधर्म का सहभोज यह अपने आप में अच्छा नजारा देखने को मिलता है जहा पर किसी प्रसंग पर इस आयोजन को किया जाता है भारत में अनेकता मे एकता के सन्देश यू तो मिलते रहते है लेकिन यहा पर भाईचारे व आपसी मेल मिलाप का ऐसा अनूठा नजारा मिलता हे अगर वर्तमान दौर में जाति भेदभाव की बात कि जा रही दूसरी हिन्दू मुस्लिम पर बहस होती रहती है लेकिन ऐसे नजारे को जीविन्त रखना हम भारतीयों का कार्य ही है ऐसे में जहा पर हर समाज मेे एक अच्छा व्यव्हार अपनी इसी कार्य की पहचान को अनेकता में एकता कि ओर अग्रसर करता है जहा इससे साबित होता है कि शांति ओर सदभाव का अद्भुत नजारा अपने मेे यही कहता है हमस ब एक हैै।

Wednesday, September 26, 2018

On September 26, 2018 by Unity in diversity in    No comments
  धर्मयात्रा का मुस्लिम समुदाय ने भी स्वागत किया,कथावाचकों का अभिनंदन किया

   सनातन समाज के सहयोग से श्री चारभुजा युवा मंच द्वारा धर्म यात्रा ऐतिहासिक रूप से निकाली गई। यात्रा के नगर भ्रमण के दौरान जगह – जगह राजनितिक, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा अनेक तरह से यात्रा का स्वागत किया किया गया। यात्रा में हर वर्ग ने स्वागत किया। मुस्लिम समुदाय ने भी स्वागत किया। सुजज्जित रथ में सवार कथावाचक शहर वासियों यात्रा 13 मंदिरों धर्मगंगा बहाने वाले कथावाचकों का अभिनंदन किया गया ।
On September 26, 2018 by Unity in diversity in    No comments

Monday, September 24, 2018

On September 24, 2018 by Unity in diversity in    No comments
On September 24, 2018 by Unity in diversity in    No comments
प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल हो नगर  चौरासी की परंपरा- 







On September 24, 2018 by Unity in diversity in    No comments


  मध्यप्रदेश के जिला धार तहसील सरदारपुर के नगर राजगढ़ नगर में परंपरा नगर चौरासी में हिंन्दुओ,मुस्लिम अन्य धर्मो व सभी जातियों का भाग लेना विविधता में अनेकता में एकता का सन्देश देती है।

  यही विविधता में अनेकता में एकता भारत को एक बेहतरीन देश साबित कर रहा है। भारत ही ऐसा देश है जहा बहुत स्पष्ट है वहा की विविधता। जहा कई धर्म,जाति,संस्कृति ओर परंपरा के लोग एक साथ रहते है।

  इसी ओर 20 हजार से अधिक आबादी जहा हिन्दु-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाइ ओर विभिन्न जातियों के लोग रह रहे है ओर इस नगर की यही विशिष्टता है जहा एक पंगत पर सभी जातियों के लोग किसी न किसी अवसर पर साथ में बैठकर सहभोज करते है। आम भाषा में नगर भोज या सर्वधर्म समाज के लोगो का सहभोज इसको नगर चौरासी के नाम से जाना जाता है।

 नगर चौरासी का मतलब यहा के लोगो द्वारा बताया जाता है चौरासी जातियों सभी कौम के लोग।

  लगभग यह नगर चौरासी वर्ष 2000 से पूर्व से अभी तक यह जारी है लगभग 15 से 20 हजार लोगो द्वारा इसमे भाग लिया जाता है। यह नगर चौरासी किसी प्रसंग या मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा पर होती है। लगभग 18 से अधिक नगर चौरासी हो चुकी है। यह भारत की सबसे प्राचीन परपंरा कहे तो अतिशयोक्ति नही होगी।

   यह राजगढ़ नगर हर समाज का व्यव्हार,शांति का संदेश ओर अपनी एक खुद की एक शैली में एक विश्वास की झलक को दर्शाता है यह एक प्रेरणा है कि हम सब एक है। भारत के लिए यह नगर चौरासी शब्द अनेकता में एकता का एक सन्देश है।




अक्षय भण्डारी मो 9893711820

On September 24, 2018 by Unity in diversity in    No comments

   Participation of Hindus, Muslims, other religions and all castes in tradition town Chaurasi in Nagar Rajgarh Nagar, District Dhar Tehsil of Madhya Pradesh, gives message of unity in diversity in diversity.


   In this diversity, unity in diversity is proving India a great country. India is a country where it is very clear that there is diversity. People of many religions, caste, culture and tradition live together.

   On this side, more than 20 thousand people, where Hindus, Muslims and Sikhs and people from different castes are living and this is the specialty of this city where people of all races take a cue together on one occasion. It is known as Nagar Chaurasi, in the common language, with the participation of the city bhoj or Sarvsharma society logo.

Nagar Chaurasi is said by the people of the people of Chaurasi castes all the people of the people.

  Almost this city has been used in the last four to eighty four years since it is still in circulation by about 15 to 20 thousand people. This city is a chaucerasi on the occasion of life of any event or temple. More than 18 cities have become chaurasi. It will not be exaggerated when it calls India's oldest tradition.

   This Rajgad town reflects the behavior of every society, the message of peace and one faith in one's own style. It is an inspiration that we all are one. For India, this city is a message of unity in the four-word word multiplicity.